क्या श्रद्धावान व्यक्ति जीवन मे कभी दुखी नहीं होता?

क्या श्रद्धावान व्यक्ति जीवन मे कभी दुखी नहीं होता?

क्या श्रद्धावान व्यक्ति जीवन मे कभी दुखी नहीं होता? क्या श्रद्धावान व्यक्ति जीवन मे कभी दुखी नहीं होता? सुख और दुःख का इस बात से कोई भी अंतर नहीं पड़ता की कोई श्रद्धावान है या अश्रद्धालु, यह व्यक्ति के विचारों और कर्मों पर निर्भर होता है पूर्णतया। बिना अंधरे के रौशनी, बिना भूख के रोटी और बिना दुःख के सुख का कोई भी मूल्य नहीं है, वो एक दुसरे के पूरक और अन्तरंग है, उनका सह अस्तित्व है एक के बगैर दुसरे का कोई वजूद नहीं हो सकता। इसलिए इस बात को भूल जाइये बल्कि सत्य तो यह है की[…]

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