क्या मैं अपनी कामुकता को नियंत्रित कर सकता हूं?

क्या मै अपनी कामुकता को नियंत्रित कर सकता हूँ?

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क्या मैं अपनी कामुकता को नियंत्रित कर सकता हूं?

अवश्य, अपने आप को बेहतर संगति और रचनात्मक कार्यों और बातों में व्यस्त रखकर, व्यायाम, सात्विक भोजन, योग और प्राणायाम भी इसमें आपकी मदद कर सकते है। आपको काम वासना के उद्गम और स्वाभाव को समझना होगा, यह मनुष्य की सबसे प्रबल और और अदम्य ऊर्जा है।

अधिक जानकारी और समझ के लिए ओशो की पुस्तक संभोग से समाधि तक पढ़िए यह आपकी समझ और काम ऊर्जा के उचित नियोजन में आपकी मदद करेगी। सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने भी इस सम्बन्ध मे जानकारी दी है, जिससे आपको मदद मिल सकती है।

काम ऊर्जा जीवन की सर्वाधिक प्रबल और रचनात्मक ऊर्जा है इसका सदुपयोग सीखना ही योग और सबसे जरूरी कार्य है वरना यही ऊर्जा आपके शारीरिक, मानसिक विनाश की वजह बन सकती है।

इसमें परेशान होने की कोई भी बात नहीं इस जगत के सबसे प्रतिभाशाली व्यक्ति, योगी, अवतार, कलाकार, नर्तक, पेंटर, वैज्ञानिक, शोधकर्ता, खिलाड़ी, योद्धा, आविष्कारक सभी सर्वाधिक कामुक लोग रहे हैं, बस उन्होंने अपनी काम ऊर्जा को सही दिशा में लगा दिया और अद्भुत ज्ञान, कला, संगीत और आविष्कारों से इस धरती को और जीवन को धन्य किया।

योग और ध्यान, कला, रचनात्मक कार्य, काम की ऊर्जा को राम की ऊर्जा में रूपांतरित करने के विज्ञान हैं, हमें इनका उपयोग करना सीखना चाहिए, तभी हम इस शक्ति का कल्याणकारी उपयोग कर सकेंगे।

आप भी अपनी कामुकता को एक रचनात्मक दिशा दे सकते हैं, हम सिर्फ कुछ अंग मात्र नहीं है और हमारे शरीर में उठने वाले हार्मोन्स के ज्वार को अपने जीवन और मस्तिष्क को नियंत्रित मत करने दीजिए, समझिये और उचित कार्य कीजिये इस सम्बन्ध मे।

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सदैव याद रखिए, आप अपने मन और शरीर के स्वामी है उसमे उठने वाले रासायनिक प्रक्रिया से उत्पन्न आवेगो के गुलाम नहीं, अपने शरीर और उसमे उठने वाले आवेगों को समझिए, उसे अपने मन और शरीर को नियंत्रित करने मत दीजिए, वो प्राकृतिक है और इसे उपयोगी बनाया जा सकता है।

आप यदि अविवाहित है तो एक योग्य और प्रेम पूर्ण संबंध में उतरिए, प्रकृति के सानिध्य में रहिए किसी कला, साहित्य, खेल या रचनात्मक कार्य में अपनी ऊर्जा और शक्ति लगाइए, आप तनाव रहित रहेंगे और आप अपने हार्मोन्स के कब्जे से बाहर निकल सकेंगे।

जंक फूड और तामसिक पदार्थ जैसे तंबाखू, सिगरेट, शराब और कोला ड्रिंक्स और मांसाहार से मुक्त रहे, सुबह जल्दी उठे, नाइट लाइफ से परहेज़ करे, परिवार के लोगों के साथ समय बिताएंगे तो अच्छा रहेगा।

काम का दमन नहीं रूपांतरण कर के ही कोई भी कामुकता से मुक्त हो सकता है, यह अग्नि है,सबसे प्रबल और समर्थ ऊर्जा है इससे कुछ अच्छा कीजिए, इसकी आंच से खुद को मत जलाइए, ना दूसरों को, इसका रचनात्मक उपयोग कीजिए, बच्चे पैदा करने के अलावा, हमारे पास बहुत सारे पहले से हैं।

प्रेम कीजिए सभी से, प्रकृति से, बच्चों से, अपने परिवार की और सभी स्त्रियों से, उन्हें सेक्स ऑब्जेक्ट की तरह मत देखिए, वो हमारी मां, बहन बेटियां और सहधर्मिणी है, हमारी जननी है।

उनके प्रति हार्दिक और स्नेहपुर्ण नजरिया रखने से आपको अपनी ऊर्जा के धनात्मक रूपांतरण में मदद मिलेगी, उन्हें सम्मान और आदर से देखिए और व्यवहार कीजिए, उन्हें उपभोग की सामग्री की तरह नहीं समझिए, उनके प्रेम और स्नेह से आपको अपनी ऊर्जा को विधायक और निर्दोष बनाने में मदद मिलेगी।

अपने आप को अपने काम में, पढ़ाई में, खेल, अपनी रुचियों और हॉबीज में, अपनी ऊर्जा को रचनात्मक और कल्याणकारी बातों, लोगों और कार्यों में नियोजित कीजिए।

कामुक चिंतन, दृश्य, मूवीज और मित्रों की संगति से परहेज़ कीजिए, भागिए नहीं अपने कार्यकलाप, संगति और सोच के प्रति जागरूक बनिए, उनमें सार्थक और विधायक बदलाव कीजिए, और अपने हार्मोन्स को अपने शरीर और मन पर हावी मत होने दीजिए।

उम्मीद है इन बातों को समझ कर आवश्यक कदम उठाएंगे तो अपनी सर्वाधिक प्रबल और गुणकारी शक्ति को अपना सबसे बेहतर मित्र और सहयोगी बना पाएंगे, धन्यवाद।

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