क्या हिन्दू वाकई खतरे में हैं?

क्या हिन्दू वास्तव में खतरे में हैं?

Print Friendly, PDF & Email

क्या हिन्दू वास्तव में खतरे में हैं?

निश्चय ही, इस धरती पर वो सभी लोग खतरे मे हैं जो अपनी मूर्खता, लापरवाही, कायरता, अहंकार और झूठी मान्यताओं और अन्धविश्वास से बाहर निकलने के लिए, उसे देखने और दूर करने के लिए तैयार नहीं है, और यह सब बातें दुनिया के सभी समुदाय और इस देश के हिन्दू समुदाय के लोगो के लिए भी पूरी तरह सत्य है।

हिन्दुओं ने अपनी १००० साल की गुलामी से कुछ नहीं सीखा, वो आज भी मूर्खतापूर्ण बातों, अहंकारग्रस्त, असंगठित हैं, अंधेपन, जाती गत भेदभाव और ऊंचनीच की बीमारी से पीड़ित हैं।

यह सब बातें अतीत मे उनकी हार, गुलामी और हर किस्म की समस्याओं और बर्बादी की वजह बनी थी और यह आज भी कायम है, इसलिए वो और उन जैसे सभी लोग सदा खतरे मे रहेंगे चाहे वो किसी भी कौम और समुदाय के हो।

prambanan-3569337_1280-1024x664.jpg

हिन्दू अपनी 20000 हज़ार साल से अधिक पुरानी जीवंत आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत से पूरी तरह से कट गए हैं, मुगलों और अंग्रेजों की गुलामी और उनके हिन्दुओं को अपने धर्म मे परिवर्तित करने और उन्हें उनकी ही जड़ों से पूरी तरह काटने के षड्यंत्रों की वजह से वो अंधे और पथभ्रष्ट हो गए हैं।

और बची खुची कसर पाश्चात्य सभ्यता के अन्धानुकरण और आज़ादी के पश्चात् कम्युनिस्ट और हिंदुत्व की खाल ओढ़े इस्लामिक शासकों की हिन्दू विरोधी नीतियों और ब्रेनवाश की वजह से हो गई है।आज हिन्दू आधारहीन, लक्ष्यहीन और रीढविहीन झूलते हुए वृक्ष की शाखा की तरह है जिसे कभी भी कहीं से भी काटा जा सकता है।

अतीत मे और वर्तमान मे भी लालची, देशद्रोही और भ्रष्ट हिन्दू ही हिन्दुओं की गुलामी, धर्मपरिवर्तन, हर किस्म की दुर्गति और विनाश की वजह रहा है और आज भी तथाकथित लिबरल और प्रगतिवादी हिन्दू अपनी और अन्य हिन्दुओं की कब्र खोदने, उन्हें नष्ट करने मे महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, यह बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है।

इस देश के राजनीतिज्ञ और पूर्व और वर्तमान सरकारें भी चापलूसी और वोट बैंक की राजनीती के चलते हिन्दू और इस देश के बहुमत को अनदेखा कर उनके मूलभूत हितों पर कुठाराघात कर रहे है।

इस देश के लोगो खासतौर से हिन्दुओं मे अपने राष्ट्र के लिए प्रेम और समर्पण नहीं है, दुसरे सम्प्रदाय और कौमों की तरह, इस देश के लोगो मे अपने देश ले लिए ईमानदारी और समर्पण का बेहद अभाव है, उनके लिए अपने व्यक्तिगत स्वार्थ और लाभ सर्वोपरि है और इसमें हिन्दू भी शामिल है, वो इस देश की 80% आबादी है।

निश्चय ही हिन्दुओं को जागना होगा, अपनी मूर्खताओं के प्रति, अपने असंगठन के प्रति, अपने अन्धविश्वाश और भेदभाव और रुग्ण रीति रिवाजों और अमानवीय प्रथाओं के सम्बन्ध मे।

अतीत मे उन्होंने जिस वजह से सबकुछ खोया उसके प्रति, इस देश के लोग बहुत जल्दी अपनी मूर्खताओं और गलतियों को भूल जाते है जिनकी वजह से उन्होंने मनुष्यता केयदि उन्होंने समय रहते इन सब बीमारियों और दोषों को दूर नहीं किया तो वो अपनी ही जन्मभूमि मे बहुसंख्यक होने के बावजूद, अपनी ही अस्मिता और अधिकारों की रक्षा मे असफल रहेंगे और दुष्ट ताकतों और अमानवीय संस्थाओं और हुकूमत और दवाबों को झेलते रहने के लिए बाध्य रहेंगे। इतिहास मे सबसे भयानक बर्बादी, गुलामी और हमले झेले हैं।

जागो भारत वासियों जागो यह देश तुम्हारा है, इसे अपने, अंधेपन, मूर्खता और नालायकी और कायरता से गुलामी और विनाश के गर्त मे मत ढकेलो।

Spread the love
  • 3
    Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *