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सफलता क्या है, और कौन सफल है?

सफलता क्या है, और कौन सफल है? सबसे पहले ये जान लेते हैं, सफलता किस चिड़िया का नाम है? सफलता क्या है, और कौन सफल है? सफलता से आपका क्या तात्पर्य है? इस दुनिया में हर व्यक्ति के लिए सफलता का अलग पैमाना होता है, और देखनेवालों की दृष्टि भी अलग अलग होती है। सफलता क्या है?  यहाँ सभी लोग अपने सपने और लक्ष्य का या उस बात का पीछा कर रहे हैं जो उन्हें लगता है उनके लिए जरुरी है, या जिसके मिल जाने से उनके जीवन में कुछ बहुत बेहतर हो जायेगा, उन्हें, संतुष्टि, परितृप्ति या सफलता या[…]

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bharat ki samsyaen aur samadhaan

भारत की समस्याएं और इसके समाधान क्या हैं?

भारत की समस्याएं और इसके समाधान क्या हैं? भारत एक विकासशील राष्ट्र है और पिछले 70 वर्षों में यहाँ लोगों ने मिली हुई आज़ादी का सर्वाधिक दुरूपयोग किया है, क्यूंकि 1000 वर्षों की गुलामी ने, यहाँ के लोगों को इतना आत्महीन, पथभ्रष्ट  और पंगु बना दिया की वो भूल ही गए की वो कभी विश्व में सिरमौर थे विश्व पटल पर। विश्व के सभी राष्ट्रों और संस्कृतियों के लिए आकर्षण और प्रेरणा का केंद्र भारत क्यूँ और कैसे अंतहीन समस्याओं का गढ़ बन गया है? आखिर भारत की समस्याएं और इसके समाधान क्या हैं? भारत की सबसे बड़ी समस्या यह[…]

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आतंकवाद विश्व का शत्रु

भारत के वास्तविक शत्रु कौन हैं?

भारत के वास्तविक शत्रु कौन हैं? भारत के वास्तविक शत्रु कौन हैं? दुर्भाग्य से इस देश में रहने वाले तथाकथित ब्रेनवाश किये हुए लिबरल हिन्दू और तथाकथित सेक्युलर लोग, मुगलों और ब्रिटिश हुकूमत  की दासता के फलस्वरूप उत्पन्न कनवर्टेड और प्रोग्राम्ड मुस्लिम और इसाई, जिन्हें अपनी जड़ों का भान नहीं है, जो षड़यंत्रकारियों और देशी विदेशी दुश्मनों के हाथ की कठपुतलियां बनकर अपने ही राष्ट्र को खोखला और खंडित करने के लिए जी जान से प्रयासरत हैं। यह सभी 1000 वर्षों की दासता और पिछले 75 वर्षों की कांग्रेस और कम्युनिस्ट अलगाववादियों और भारत की संप्रभुता और विराट गौरवमयी और[…]

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भारतीय संस्कृति शाश्वत क्यों है?

भारतीय संस्कृति शाश्वत क्यों है? भारतीय संस्कृति शाश्वत क्यों है? क्यूंकि इसका आधार स्वतंत्रता और स्वीकृति है,  किसी भी तरह का जबरदस्ती और बल पूर्वक आरोपण नहीं है, क्यूंकि जो थोपा जाएगा वो आपको गुलामी और हीनता में ले जाएगा, जैसा विश्व के दूसरे धर्मों के साथ है वो बलपूर्वक मानने का आग्रह करते है, अमानवीय, अनैतिक भय और दंड के विधान के साथ। हमारी देवभूमि में विकसित सभी विचार और जीवन की पद्धतियां, मुक्ति का पथ है, जागृति और जानने के मार्ग है, वो आपको प्रश्न करने, खोज और अनुसंधान करने, प्रयोग करने, अनुभवों में उतरने की विधियां और[…]

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हमें पश्चिम के अन्धानुकरण से क्या हानि है?

हमे पश्चिम का अन्धानुकरण से क्या हानि है? अंधानुकरण किसी का भी किया जाए, दुष्परिणाम ही पैदा करता है, जानना और सीखना सदैव मदद करता है चाहे किसी से भी हो, हर सभ्यता और संस्कृति की अपनी विशिष्टता होती है, उसका अपना स्वरूप और बनावट होती है, कुछ भी जो दूसरों के लिए सही हो या अपनाया गया हो जरूरी नहीं आपके लिए भी उसी तरह से काम करे। आपको अपनी शारीरिक, मानसिक, आर्थिक, सामाजिक पृष्ठभूमि, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक मूल्यों और श्रेष्ठ और कल्याणकारी मूल्यों की कसौटी पर कसकर ही किसी बात को धारण करना चाहिए। सर्वप्रथम यह जानना और[…]

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चेतना का विकास ही समस्त कल्याण की आधारशिला है

चेतना का विकास ही समस्त कल्याण की आधारशिला है

चेतना का विकास ही समस्त कल्याण की आधारशिला है   मनुष्य जाति का सारा उत्थान चेतना के  विकास का परिणाम है, जो भी भौतिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक प्रगति मनुष्य ने हजारों वर्षों मे की है वो सिर्फ हमारी चेतना के विकास से संभव हुआ है I मनुष्यों और पशुओं मे भी यह फर्क इसलिए है क्यूंकि मनुष्य ने अपनी रीढ़ को सीधा रखकर दो पैरों पर चलना सीखा और यह संभव हुआ उसकी चेतना के विकसित होने की वजह से, और मनुष्यों मे ही यह सम्भावना प्रकट हुई है पशुओं मे नहीं I मनुष्य का विकास उसकी चेतना के विकास[…]

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