Tantra-and-sacred-sexuality-quote-2-800x560.jpg

क्या आध्यात्मिकता सेक्स विरोधी है?

क्या आध्यात्मिकता सेक्स विरोधी है? Quora पर मेरे एक पाठक ने यह प्रश्न पूछा है, क्या आध्यात्मिकता सेक्स विरोधी है? क्या आध्यात्मिकता का उद्देश्य आपको सेक्स से दूर ले जाना है? आध्यात्मिकता का उद्देश्य आपको अपने अस्तित्व से जुड़े सभी आयामों के प्रति जागरूक करना है। यह आपको अपने शरीर और मन में होने वाली क्रियाओं और प्रतिक्रियाओं से प्रति सजग करने की व्यवस्था है, साथ ही अस्तित्व के सभी आयामों तक ले जाने का मार्ग और प्रक्रिया है, यह आपकी कामेच्छा और कम ऊर्जा के श्रेष्ठतम और कल्याणकारी उपयोग की और जाने का मार्ग है। आध्यात्मिकता आपको अपनी समस्त[…]

Read more
beyond-3265854_1280-840x560.jpg

ईश्वर और धर्म के नाम पर झगडे क्यों होते हैं?

ईश्वर और धर्म के नाम पर झगड़े क्यों होते हैं? Quora पर मेरे एक पाठक ने यह प्रश्न पूछा है यदि ईश्वर एक ही है और इंसानियत ही धर्म है तो फिर ईश्वर और धर्म के नाम पर झगड़े और मार-काट क्यों होते हैं? सर्वप्रथम ईश्वर नाम की कोई चीज नहीं है, यह मनुष्यों की इजाद है, अपने आपको बहलाने के लिए, यह संपूर्ण ब्रह्मांड, यह विशाल अनंत अस्तित्व ही सत्य है, इसका कोई बनानेवाला या संचालन कर्ता नहीं है, यह स्वनिर्मित और स्वसंचालित है। ईश्वर एक कल्पना है यथार्थ नही, मनुष्य इस विराट अस्तित्व से सीधे संबंधित या संयुक्त नहीं[…]

Read more
cricket-1469501_1280-840x560.jpg

विकसित राष्ट्र क्रिकेट में रूचि क्यों नहीं रखते?

विकसित राष्ट्र क्रिकेट में कोई रुचि क्यों नहीं रखते? Quora पर मेरे पाठक ने यह प्रश्न पूछा था  कि इतने सारे पैसे से जुड़ने के बावजूद, चीन, रूस, फ्रान्स, जर्मनी और जापान के लोग क्रिकेट में कोई रुचि क्यों नहीं रखते? क्या इनमें से कोई क्रिकेट में, विश्व में सर्वश्रेष्ठ बन सकता है? क्रिकेट अधिकांशतः सिर्फ ब्रिटेन के द्वारा शासित देशों में खेला जाता है, जिन्हें अंग्रेजों ने गुलाम बनाया और अपने उपनिवेशों कि तरह अपनी हुकूमत के तले रखा, कोई भी ज्यादा रचनात्मक रुचि रखनेवाले राष्ट्र इस बेहूदे खेल में रुचि नहीं रखते, क्यूंकि यह समय और संसाधनों की[…]

Read more
main-qimg-818e544c8f39487595d66188c600db73-602x560.jpg

वात्स्यायन द्वारा कामसूत्र क्यूँ लिखा गया था?

वात्स्यायन द्वारा ‘कामसूत्र’ क्यों लिखा गया था? इस बारे में तो वात्स्यायन ही बता सकते हैं कि उन्हें कामसूत्र लिखने की प्रेरणा और आवश्यकता क्यों महसूस हुई थी। इतना जरूर कहूंगा उन्होंने मानव जाति को इस परम शक्तिशाली काम उर्जा के उचित नियोजन और इसके सही क्रियान्वयन की वैज्ञानिक और व्यवस्थित विधियाँ और जानकारी इस ग्रन्थ मे सम्पादित कर मनुष्य जाति को यह अनुपम भेंट प्रदान की है। काम को हमारी संस्कृति में मनुष्य जीवन के चार परम पुरुषार्थ धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष मे से एक निश्चित किया गया है। काम को नियमित और सही तरीके से नियोजित किये[…]

Read more
pexels-photo-353481-e1545758981110.jpeg

क्या हमारे घरों में बहू और बेटी को सामान समझा जाता है?

क्या हमारे घरों में बेटी और बहू को समान समझा जाता है? हमारे घर में हमारी प्यारी बहन को बहुत प्यार और अच्छी शिक्षा दी गई और वो जिस घर में गई उसे बेहद प्यार और सम्मान मिला है, वो बेहद समझदार, मेहनती और कुशल बेटी, पत्नी, गृहणी, और मां है। हमारी मां ने उसे और हम सभी को सभी बातों और काम की बेहतर शिक्षा दी और हमारी मां और बहन दोनों सुपर वुमन है, मैंने उनकी तरह काम करते बहुत कम महिलाओं को देखा है। हम लोगो को उनके हाथ से काम छीनना पड़ता है और कहना पड़ता[…]

Read more
-ध्यान-20-e1545756041844.jpg

सच्चे और ढोंगी गुरु में क्या अंतर है?

सच्चे और ढोंगी गुरु मे क्या अंतर है? सच्चाई और प्रभाव को स्वयं देखिये, आपने शायद सुना और पढ़ा होगा, सद्गुरु कबीर साहब ने कहा है “जाति न पूछो साधु की, पूछ लीजिये ज्ञान, मोल करो तलवार का, पडी रहन दो म्यान।” यदि कोई व्यक्ति और उसकी बातें आपको रुचिकर लगती हैं या उसमे आपको कोई भी सच्चाई या गुण नज़र आता है तो आप उस बात या तथ्य की परीक्षा करके देख लीजिये स्वयं प्रयोग करके, यदि आपको उससे लाभ या अनुकूल परिणाम मिलते हैं तो वो आपके लिए सही है। कुछ बातों को आप दूर से देखकर नहीं[…]

Read more