painting-1307395_1280-840x560.jpg

भारतीय संस्कृति शाश्वत क्यों है?

भारतीय संस्कृति शाश्वत क्यों है? भारतीय संस्कृति शाश्वत क्यों है? क्यूंकि इसका आधार स्वतंत्रता और स्वीकृति है,  किसी भी तरह का जबरदस्ती और बल पूर्वक आरोपण नहीं है, क्यूंकि जो थोपा जाएगा वो आपको गुलामी और हीनता में ले जाएगा, जैसा विश्व के दूसरे धर्मों के साथ है वो बलपूर्वक मानने का आग्रह करते है, अमानवीय, अनैतिक भय और दंड के विधान के साथ। हमारी देवभूमि में विकसित सभी विचार और जीवन की पद्धतियां, मुक्ति का पथ है, जागृति और जानने के मार्ग है, वो आपको प्रश्न करने, खोज और अनुसंधान करने, प्रयोग करने, अनुभवों में उतरने की विधियां और[…]

Read more
चेतना का विकास ही समस्त कल्याण की आधारशिला है

चेतना का विकास ही समस्त कल्याण की आधारशिला है

चेतना का विकास ही समस्त कल्याण की आधारशिला है   मनुष्य जाति का सारा उत्थान चेतना के  विकास का परिणाम है, जो भी भौतिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक प्रगति मनुष्य ने हजारों वर्षों मे की है वो सिर्फ हमारी चेतना के विकास से संभव हुआ है I मनुष्यों और पशुओं मे भी यह फर्क इसलिए है क्यूंकि मनुष्य ने अपनी रीढ़ को सीधा रखकर दो पैरों पर चलना सीखा और यह संभव हुआ उसकी चेतना के विकसित होने की वजह से, और मनुष्यों मे ही यह सम्भावना प्रकट हुई है पशुओं मे नहीं I मनुष्य का विकास उसकी चेतना के विकास[…]

Read more
Tantra-and-sacred-sexuality-quote-2-800x560.jpg

क्या आध्यात्मिकता सेक्स विरोधी है?

क्या आध्यात्मिकता सेक्स विरोधी है? Quora पर मेरे एक पाठक ने यह प्रश्न पूछा है, क्या आध्यात्मिकता सेक्स विरोधी है? क्या आध्यात्मिकता का उद्देश्य आपको सेक्स से दूर ले जाना है? आध्यात्मिकता का उद्देश्य आपको अपने अस्तित्व से जुड़े सभी आयामों के प्रति जागरूक करना है। यह आपको अपने शरीर और मन में होने वाली क्रियाओं और प्रतिक्रियाओं से प्रति सजग करने की व्यवस्था है, साथ ही अस्तित्व के सभी आयामों तक ले जाने का मार्ग और प्रक्रिया है, यह आपकी कामेच्छा और कम ऊर्जा के श्रेष्ठतम और कल्याणकारी उपयोग की और जाने का मार्ग है। आध्यात्मिकता आपको अपनी समस्त[…]

Read more
painting-1307395_1280-840x560.jpg

हिन्दू धर्म को श्रेष्ठ वैज्ञानिक धर्म क्यों समझा जाता है?

हिन्दू धर्म को श्रेष्ठ वैज्ञानिक धर्म क्यों समझा जाता है? मुझे पता नहीं कि हिन्दू धर्म के संबंध में लोगो की अवधारणा या सोच क्या है, लोग क्या जानते है, क्या समझते है, और क्या देखते है, और उसका आधार क्या है? जहां तक मेरी अपनी समझ और दृष्टि है अपने देश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के बारे में हमारे अवतारों, सिद्ध महामानवों, और मुक्त पुरुषों की दृष्टि, अभिव्यक्तियों और अनुभव की रोशनी में जिसका कुछ अंश यहां प्रस्तुत कर रहा हूं, आप इस संबंध में खोज कर सकते है और सत्य जान सकते हैं। यह धरती और यहां[…]

Read more
-ध्यान-20-e1545756041844.jpg

सच्चे और ढोंगी गुरु में क्या अंतर है?

सच्चे और ढोंगी गुरु मे क्या अंतर है? सच्चाई और प्रभाव को स्वयं देखिये, आपने शायद सुना और पढ़ा होगा, सद्गुरु कबीर साहब ने कहा है “जाति न पूछो साधु की, पूछ लीजिये ज्ञान, मोल करो तलवार का, पडी रहन दो म्यान।” यदि कोई व्यक्ति और उसकी बातें आपको रुचिकर लगती हैं या उसमे आपको कोई भी सच्चाई या गुण नज़र आता है तो आप उस बात या तथ्य की परीक्षा करके देख लीजिये स्वयं प्रयोग करके, यदि आपको उससे लाभ या अनुकूल परिणाम मिलते हैं तो वो आपके लिए सही है। कुछ बातों को आप दूर से देखकर नहीं[…]

Read more
005b5395a78980a52f81.jpg

सही गुरु को कैसे पहचाने?

सही गुरु को कैसे पहचाने? आप कैसे तय कर सकते हैं की वो सच्चे हैं या नहीं? आपके पास कौनसा पैमाना है यह जानने का? यदि आप इतने समझदार और ज्ञानी हैं तो इस झंझट मे क्यों पड़ रहे है की वो सच्चे हैं या झूठ? आप अपना काम कीजिये और उन्हें अपना करने दीजिये। इस धरती पर जितने व्यक्ति है उतने सारे रास्ते हो सकते हैं, सबकी अपनी खोज और उपलब्धियां है, कोई किसी मार्ग से कोई किसी मार्ग और विधि से और कुछ लोग अपने आतंरिक विकास के परिणामस्वरूप बिना किसी कोशिश और बाहरी बात के ज्ञान को[…]

Read more