क्या आध्यात्मिकता सेक्स विरोधी है?

क्या आध्यात्मिकता सेक्स विरोधी है? Quora पर मेरे एक पाठक ने यह प्रश्न पूछा है क्या आध्यात्मिकता का उद्देश्य आपको सेक्स से दूर ले जाना है? आध्यात्मिकता का उद्देश्य आपको अपने अस्तित्व से जुड़े सभी आयामों के प्रति जागरूक करना है। यह आपको अपने शरीर और मन में होने वाली क्रियाओं और प्रतिक्रियाओं से प्रति सजग करने की व्यवस्था है, साथ ही अस्तित्व के सभी आयामों तक ले जाने का मार्ग और प्रक्रिया है, यह आपकी कामेच्छा और कम ऊर्जा के श्रेष्ठतम और कल्याणकारी उपयोग की और जाने का मार्ग है। आध्यात्मिकता आपको अपनी समस्त ऊर्जा को सकारात्मक और रचनात्मक रूप से[…]

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हिन्दू धर्म को श्रेष्ठ वैज्ञानिक धर्म क्यों माना जाता है?

हिन्दू धर्म को श्रेष्ठ वैज्ञानिक धर्म क्यों माना जाता है? मुझे पता नहीं कि हिन्दू धर्म के संबंध में लोगो की अवधारणा या सोच क्या है, लोग क्या जानते है, क्या समझते है, और क्या देखते है, और उसका आधार क्या है? जहां तक मेरी अपनी समझ और दृष्टि है अपने देश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के बारे में हमारे अवतारों, सिद्ध महामानवों, और मुक्त पुरुषों की दृष्टि, अभिव्यक्तियों और अनुभव की रोशनी में जिसका कुछ अंश यहां प्रस्तुत कर रहा हूं, आप इस संबंध में खोज कर सकते है और सत्य जान सकते हैं। यह धरती और यहां[…]

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सही गुरु को कैसे पहचाने?

सही गुरु को कैसे पहचाने? आप कैसे तय कर सकते हैं की वो सच्चे हैं या नहीं? आपके पास कौनसा पैमाना है यह जानने का? यदि आप इतने समझदार और ज्ञानी हैं तो इस झंझट मे क्यों पड़ रहे है की वो सच्चे हैं या झूठ? आप अपना काम कीजिये और उन्हें अपना करने दीजिये। इस धरती पर जितने व्यक्ति है उतने सारे रास्ते हो सकते हैं, सबकी अपनी खोज और उपलब्धियां है, कोई किसी मार्ग से कोई किसी मार्ग और विधि से और कुछ लोग अपने आतंरिक विकास के परिणामस्वरूप बिना किसी कोशिश और बाहरी बात के ज्ञान को[…]

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गुरू को ईश्वर से भी ऊँचा दर्जा क्यों दिया जाता है?

गुरू को ईश्वर से भी ऊँचा दर्जा क्यों दिया जाता है?

यह प्रश्न मेरे ब्लॉग एवं Quora के प्रबुध्द पाठक द्वारा पूछा गया है  गुरू को ईश्वर से भी ऊँचा दर्जा क्यों दिया जाता है?  गुरु ब्रह्मा, गुरु विष्णु गुरु देवो महेश्वर, गुरु साक्षात् परमं ब्रह्मा तस्मै श्री गुरुवे नम: यह हमारी संस्कृति का मूलमंत्र है, सद्गुरु की कृपा से ही हमे अपने और समस्त के रहस्यों का पता चलता है, वो ही कार्य कारण को समझने की बुद्धि और करने योग्य का विवेक प्रदान करते हैं। वो ही हमारे जीवन को गौरव और सार्थकता के बोध से भरते हैं, वो ही हमसे हमारा परिचय कराते हैं और हममे स्थित समस्त[…]

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आध्यात्मिकता के कितने प्रकार हैं?

आध्यात्मिकता के कितने प्रकार हैं?

यह प्रश्न मेरे ब्लॉग एवं Quora के प्रबुध्द पाठक द्वारा पूछा गया है  आध्यात्मिकता के कितने प्रकार हैं? आध्यात्मिकता का कोई प्रकार नहीं होता है, वो रूप, रंग और आकार प्रकार से मुक्त है, वो कोई वस्तु नहीं है कोई ऐसी चीज़ नहीं है जिसके बारे मे आप कोई परिभाषा गढ़ सकें। आध्यात्मिकता कोई विश्वास या उधार प्राप्त ज्ञान नहीं है यह स्वयं के द्वारा अर्जित आंतरिक बोध की उपलब्धि है, इसका बाह्य उपचारों से कोई भी लेना देना नहीं है, यह स्वयं की खोज और बोध की प्राप्ति की प्रक्रिया है, इसमें विभिन्न साधना पद्धतियाँ उपयोगी है लेकिन सबसे[…]

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ब्राह्मण कौन है और कहाँ से आए हैं?

ब्राह्मण कौन है और कहाँ से आए हैं?

यह प्रश्न मेरे ब्लॉग एवं Quora के प्रबुध्द पाठक द्वारा पूछा गया है  सर्वप्रथम, ब्राम्हण कोई जाति नहीं है, जो कहीं से आई है या आएगी यह मिथ्या धारणा है, इसका कोई भी वजूद नहीं है, ब्राम्हण एक विशिष्ट मानसिक, आध्यात्मिक स्थिति है मनुष्य की, कोई भी व्यक्ति विशिष्ट गुणों से युक्त होकर ब्राम्हण हो सकता है‍‍। वैदिक काल एवं इसके पूर्ववर्ती ऋषियों ने मनुष्य के हजारों साल के अध्धययन से यह पाया की मनुष्य की जीवन व्यवस्था और प्रवृत्तियों के अनुसार चार मूल प्रवृत्तियां और जीवन दिशाएं है जो पूरे समाज मे मौजूद व्यक्तियों की मानसिक, शारीरिक और आध्यात्मिक[…]

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