धुम्रपान की आदत कैसे छुड़ाई जा सकती है?

धुम्रपान की आदत कैसे छुड़ाई जा सकती है?

यह प्रश्न मेरे ब्लॉग एवं Quora के प्रबुध्द पाठक द्वारा पूछा गया है 

धुम्रपान की आदत कैसे छुड़ाई जा सकती है? यह सवाल मेरे लिए कभी भी बड़ा नहीं रहा, और ऐसा किसी भी चीज़ के सम्बन्ध मे सत्य है। कोई भी आदत बिना गहरी इच्छा शक्ति के बिना नहीं छूट सकती, मैंने बरसों तक धुम्रपान किया है, लेकिन मै जिस दिन चाहता था इसे बंद कर देता था, महीनों के लिए सालों के लिए, इसमें कोई भी बड़ी बात नहीं है,कमज़ोर इच्छा शक्ति और संगत यह दोनों आपको किसी भी ऐसी आदत से मुक्त नहीं होने देती।

आज मुझे इसे हमेशा के लिए छोड़े हुए ५ वर्ष से अधिक हो चुके है, और यह अब कभी भी मेरे जीवन और आदत का हिस्सा नहीं बन सकेगी।

इसके लिए सर्वप्रथम आपको अपनी इच्छा शक्ति और संकल्शक्ति को दृढ करना होगा और ऐसे लोगो की संगती कुछ समय तक बंद करनी होगी जिनके साथ यह शुरू हुई या आप धुम्रपान करते है, आप इसके लिए कुछ और जैसे सौंफ और इलायची खाना आदि से इसे विस्थापित कर सकते हैं।

जब भी आपको धुम्रपान की तलब लगे आप एक गिलास पानी पी लीजिये और किसी कार्य मे स्वयं को मसरूफ कर लीजिये, इसके लिए आप कुछ मात्रा मे चाय या कॉफ़ी का सेवन कर सकते है, लेकिन ऐसा न हो की इसकी आदत छूटे तो उनकी और गहरी लत लगा ले आप हा हा हा, कमज़ोर लोगो के साथ कुछ भी हो सकता है, इसलिए सावधान।

मज़बूत इच्छा शक्ति के अलावा इसका कोई विकल्प नहीं, कई लोग कहते है की धीरे धीरे छूट जाएगी कम सिगरेट पीने की आदत डालो, जैसे ५ पीते हो पुरे दिन मे तो २ पीने लगो, फिर सिर्फ एक और फिर बंद कर दो, पता नहीं इस तरह से कितने लोगो ने बंद की है, मैंने तो जब भी बंद की पूरी बंद की या तो हाँ या तो पूरी तरह ना, मेरे हिसाब से सबसे बेहतर तरीका है।

धुम्रपान की आदत कैसे छुड़ाई जा सकती है?

यदि आपके द्वारा की जा रही किसी भी गतिविधि पर आपका नियंत्रण नहीं है तो यह आपकी कमज़ोर इच्छा शक्ति और उस बात के प्रति आपकी कमजोरी को दर्शाता है और कमज़ोर सिर्फ नुकसान उठाते हैं और भुगतने के लिए प्रस्तुत रहते हैं।

अब आप खुद सोचिये एक सिगरेट आपसे ज्यादा शक्तिशाली है, एक बेहद मूर्खतापूर्ण और नुकसानदायक बुरी आदत और आप उसकी गुलामी से नहीं छूट पा रहे लानत है आप पर।

यदि आप स्वयं को नुकसान पहुचाने वाली खुद के द्वारा निर्मित एक बुरी आदत को नहीं रोक सकते जो आपको बेहद बीमार और सदा के लिए रोगी बना सकती है, तो फिर किसी अच्छी बात की उम्मीद न रखें अपने जीवन मे, क्यूंकि इस तरह आप बहुत सारी गलत बातों के शिकार हो सकते हैं।

आपको यह बताना चाहता हूँ की मैंने अपनी इस बुरी आदत की वजह से क्या क्या खोया शायद वो आपकी आँखें खोलने मे मदद करे, मेरे दाढ़ी और सर के बाल असमय सफ़ेद हो गए, मेरी आँखों के चश्मे का नंबर बढ़ गया, मेरी सूंघने की शक्ति पूरी तरह से समाप्त हो गयी, और मेरी याददाश्त भी कमज़ोर हो गयी, मै कुछ भी याद नहीं रख पाता, है न मजेदार बातें।

यह मजाक नहीं है हकीकत है यदि आपने इसे समय रहते मुक्ति नहीं पाई तो इसके बेहद दूरगामी नुकसान है और आपके शरीर को अंदर से खोखला कर रहे है, यदि आप धीमी आत्महत्या और स्वयं के प्रति दुश्मनी मे रूचि नहीं रखते है तो इतना काफी है इसे छोड़ने के लिए।

उम्मीद है इतना काफी होगा इस सम्बन्ध मे सही निर्णय लेने के लिए, याद रखिये आज और अभी, नहीं तो फिर कभी नहीं, जो करना है अभी करो, कल कभी नहीं आता, अपनी इच्छा शक्ति का इस धूम्र दंडिका के प्रति परिक्षण कीजिये, विजयी भव।

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